��वरेस्ट पर्वत (नेपाली: सगरमाथा, संस्कृत: देवगिरि) दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है, जिसकी ऊँचाई 8,848.८६ मीटर है। सन् ८ डिसेम्बेर २०२० तक जिसकी ऊँचाई 8,848 मीटर मानिया था। यह हिमालय का हिस्सा है। पहले इसे XV के नाम से जाना जाता था। माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई उस समय 29,002 फीट या 8,840 मीटर मापी गई थी। वैज्ञानिक सर्वेक्षणों में कहा जाता है कि इसकी ऊंचाई प्रतिवर्ष 2 से॰मी॰ के हिसाब से बढ़ रही है। नेपाल में इसे स्थानीय लोग सगरमाथा (अर्थात स्वर्ग का शीर्ष) नाम से जानते हैं, जो नाम नेपाल के इतिहासविद बाबुराम आचार्य ने सन् 1930 के दशक में रखा था - आकाश का भाल। तिब्बत में इसे सदियों से चोमोलंगमा अर्थात पर्वतों की रानी के नाम से जाना जाता है।सर्वे ऑफ नेपाल द्वारा प्रकाशित, (1:50,000 के स्केल पर 57 मैप सेट में से 50वां मैप) “फर्स्ट जॉईन्ट इन्सपेक्सन सर्वे सन् 1979-80, नेपाल-चीन सीमा के मुख्य पाठ्य के साथ अटैच” पृष्ठ पर ऊपर की ओर बीच में, लिखा है, सीमा रेखा, की पहचान की गई है जो चीन और नेपाल को अलग करते हैं, जो ठीक शिखर से होकर गुजरता है। यह यहाँ सीमा का काम करता है और चीन-नेपाल सीमा पर मुख्य हिमालयी जलसंभर विभाजित होकर दोनो तरफ बहता है।
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��ैलस संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास प्रान्त का सबसे बड़ा नगर है। यह ट्रिनिटी नदी पर, फोर्टवर्थ से ४५ किमी पूर्व तथा ओकलाहोमा प्रांतीय रेखा से ७५ मील पर बसा है। यह मुख्य बंदरगाह तथा व्यापारिक नगर है एवं डैलस बरलिंगटन, फ्रसको, सांतोफी, कैनजैस आदि अन्यान्य व्यापारिक नगरों से जुड़ा हुआ है। इस केंद्र पर प्रतिदिन प्राय: १०० यात्री रेलगाड़ियाँ आती जाती हैं।
यहाँ के पृष्ठप्रदेश में रुई, प्राकृतिक गैस, तेल तथा अन्य खनिज पाए जाते हैं, जिनका यह नगर मुख्य व्यापारिक केंद्र है। यहाँ पर लगभग ८० उद्यान ४,७६७ एकड़ भूमि पर फैले हुए हैं। डैलस पब्लिक विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के लिये प्रसिद्ध है। यहाँ मदिरा, वस्त्र, कागज, सीमेंट लोह उद्योग, लकड़ी के बने सामान, विद्यूद्यंत्र तथा खाद्य पदार्थो को डिब्बाबंद करने के अनेक औद्योगिक संस्थान हैं।
ट्रिनिटी नदी पर १८४१ ई० में जॉन नील ब्रायन द्वारा पीटर्स कालोनी नामक गाँव का शिलान्यास किया गया जो १८४५ ई० में, फिलाडेल्फिया के उपराष्ट्रपति जार्ज मफ्फलिन डैलस के द्वारा उदघाटन के समय तक डैलस नगर हो चुका था।
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